Monday, 24 August, 2026г.
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भारत का मंगलयान अभी करेगा वर्षों तक काम,मात्र 6 महीने का था कार्यकाल

भारत का मंगलयान अभी करेगा वर्षों तक काम,मात्र 6 महीने का था कार्यकालУ вашего броузера проблема в совместимости с HTML5
मंगल की कक्षा में मंगलयान के पहुंचने की घटना को आज एक साल हो गया। शुरू में इस मिशन की अवधि 6 महीने ही तय थी, बाद में इसे एक साल के लिए बढ़ा दिया गया। इसरो के मुताबिक, इस यान में अभी 35 किलो फ्यूल है और इसके दम पर यह अगले कई वर्षों तक काम कर सकता है। यह सोलर पावर से भी अपना काम चला रहा है। यह अब तक कई फोटो और जरूरी डेटा भेज चुका है और इनका विश्लेषण कर रहा है। बताते हैं कि इस यान का सफर तब तक जारी रहेगा, जब तक उसमें ईंधन रहेगा। यानी यह अगले कई वर्षों तक काम करेगा और इसरो इसके भेजे गए फोटो और डेटा की स्टडी करता रहेगा। मंगलयान को 5 नवंबर 2013 को इसरो के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से पीएसएलवी सी-25 की मदद से छोड़ा गया था। इस अभियान को मार्स ऑर्बिटर मिशन नाम दिया गया था। मंगलयान का 6 महीने का आधिकारिक मिशन इस साल 24 मार्च को पूरा हो गया था। इसकी परफॉर्मेंस को देखते हुए इसे 6 महीने बढ़ा दिया गया। यह भारत का पहला मंगल मिशन है। भारत ने इसे अपने दम पर अंजाम तक पहुंचाया। मंगलयान की कामयाबी से स्पेस साइंस में भारत का दबदबा बढ़ा है और इसके बाद से उसे विदेशों से सैटेलाइट्स लॉन्च के काफी ऑर्डर मिल रहे हैं। इन देशों में अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा भी शामिल हैं।मंगल मिशन की खास बातेंमंजूरी मिली : 3 अगस्त 2012 कोकितना खर्च : 450 करोड़ रुपयेऔर देशों ने खर्च किया : इसका कम से कम चार गुना ज्यादा। अमेरिका ने 10 गुना ज्यादाकब रवाना हुआ : 5 नवंबर 2013 कोकितना वजन है मंगलयान का : 1350 किलोकैसे छोड़ा : पीएसएलवी सी-25 की मदद सेपृथ्वी से मंगल की औसत दूरी : करीब 22 करोड़ 50 लाख किलोमीटर
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