मेरे प्यारे देशवासियो! दिल्ली के रोहिणी के श्रीमान रमण कुमार ने ‘Narendra Modi Mobile App’ पर लिखा है कि आने वाली 6 जुलाई को डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्मदिन है और वे चाहते हैं इस कार्यक्रम में डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बारे में देशवासियों से बात करूँ | रमण जी सबसे पहले तो आपको बहुत-बहुत धन्यवाद | भारत के इतिहास में आपकी रूचि देखकर काफ़ी अच्छा लगा | आप जानते हैं, कल ही डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि थी 23, जून को | डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी कई क्षेत्रों से जुड़े रहे लेकिन जो क्षेत्र उनके सबसे करीब रहे वे थे education, administration और parliamentary affairs, बहुत कम लोगों को पता होगा कि वे कोलकाता विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के Vice Chancellor थे | जब वे Vice Chancellor बने थे तब उनकी उम्र मात्र 33 वर्ष थी | बहुत कम लोग ये जानते होंगे कि 1937 में डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी के निमंत्रण पर श्री गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने कोलकाता विश्वविद्यालय में convocation को बांग्ला भाषा में संबोधित किया था | यह पहला अवसर था, जब अंग्रेजों की सल्तनत थी और कोलकाता विश्वविद्यालय में किसी ने बांग्ला भाषा में convocation को संबोधित किया था | 1947 से 1950 तक डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत के पहले उद्योग मंत्री रहे और एक अर्थ में कहें तो उन्होंने भारत का औद्योगिक विकास का मज़बूत शिलान्यास किया था, मज़बूत base तैयार किया था, एक मज़बूत platform तैयार किया था | 1948 में आई स्वतंत्र भारत की पहली औद्योगिक नीति उनके ideas और visions की छाप लेकर के आई थी | डॉ० मुखर्जी का सपना था भारत हर क्षेत्र में औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर हो, कुशल और समृद्ध हो | वे चाहते थे कि भारत बड़े उद्योगों को develop करे और साथ ही MSMEs, हथकरघा, वस्त्र और कुटीर उद्योग पर भी पूरा ध्यान दे | कुटीर और लघु उद्योगों के समुचित विकास के लिए उन्हें finance और organization setup मिले, इसके लिए 1948 से 1950 के बीच All India Handicrafts Board, All India Handloom Board और Khadi & Village Industries Board की स्थापना की गई थी | डॉ० मुखर्जी का भारत के रक्षा उत्पादन के स्वदेशीकरण पर भी विशेष ज़ोर था | Chittaranjan Locomotive Works Factory, Hindustan Aircraft Factory, सिंदरी का खाद कारखाना और दामोदर घाटी निगम, ये चार सबसे सफ़ल और बड़े projects और दूसरे river valley projects की स्थापना में डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बहुत बड़ा योगदान था | पश्चिम बंगाल के विकास को लेकर वे काफ़ी passionate थे | उनकी समझ, विवेक और सक्रियता का ही परिणाम है कि बंगाल का एक हिस्सा बचाया जा सका और वह आज भी भारत का हिस्सा है | डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए, जो सबसे महत्वपूर्ण बात थी, वो थी भारत की अखंडता और एकता - और इसी के लिए 52 साल की कम उम्र में ही उन्होंने अपनी जान भी गवानी पड़ी | आइये! हम हमेशा डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी के एकता के सन्देश को याद रखें, सद्भाव और भाईचारे की भावना के साथ, भारत की प्रगति के लिए जी-जान से जुटे रहें |
Subscribe - http://bit.ly/2ofH4S4
• Facebook - http://facebook.com/BJP4India
• Twitter - http://twitter.com/BJP4India
• Google Plus - https://plus.google.com/+bjp
• Instagram - http://instagram.com/bjp4india