हंगामा रोकने के लिए ‘आसन पैरों पर है’ क्यों बोलते हैं Loksabha Speaker
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सदन में ऐसी परंपरा है कि जब किसी चर्चा के दौरान कोई सांसद अपनी बात कह रहा हो और तभी अगर सभापति अपने आसन से खड़े हो जाएं तो उस सदस्य को अपनी बात रोककर बैठना पड़ता है.