Tuesday, 04 August, 2026г.
russian english deutsch french spanish portuguese czech greek georgian chinese japanese korean indonesian turkish thai uzbek

пример: покупка автомобиля в Запорожье

 

Satsang discourses on Yog Vashisth By HH Asharamji bapu

Satsang discourses on Yog Vashisth By HH  Asharamji bapuУ вашего броузера проблема в совместимости с HTML5
Satsang discourses on Yog Vashisth By HH Asharamji bapu योग वशिष्ठ पर सत्संग प्रवचन संत श्री आशारामजी बापू की अमृतवाणी सत्संग के मुख्य अंश : * त्रिलोकी में ऐसा कोई पदार्थ नहीं जो अभ्यास से ना मिल सके, जो पुरुष कोई पदार्थ पाने की इच्छा करता है और हट कर नहीं फिरता, तो वह अवश्य उसको पाता है | मनुष्य को देह, इन्द्रियों का अभ्यास पक्का हो रहा है इसीलिए बार बार उन्हें ही पाता है, जब उनसे पलट कर आत्मा का अभ्यास करे तब आत्मपद की प्राप्ति होगी | * जैसे पुष्पों से कुछ बिना मांगे ही सुगंध प्राप्त होती है, वैसे ही संतों से मांगे बिना ही ज्ञान का अमृत प्राप्त होता है | सम दृष्टि पुरुष ब्रह्मा आदि का भी पूजनीय है, सब लोग उसके दर्शन की इच्छा करते है व दर्शन करके प्रसन्न होते है | जिनमे समता भाव उदय हुआ है उन्हें अग्नि जला नहीं सकती, जल डूबा नहीं सकता व वायु सुखा नहीं सकती | * हे राम ! जिसको देवताओं का राज्य प्राप्त होता है और जिसको सुन्दर स्त्रियाँ प्राप्त होती है वह भी ऐसा प्रसन्न नहीं होता, जैसा ज्ञानवान प्रसन्न होता है | To Watch FREE LIVE Webcast on Mangalmay TV Visit : http://www.ashram.org/live For More Information Visit : http://www.ashram.org Keywords : Yog Vashishth Satsang, Satsang Discourses on Yog Vashishth, Sant Shri Asharam ji Bapu, Sant Amritvaani
Теги: YouTube editor

Мой аккаунт