tvup 18 01 16 3 जौनपुर:- माधोपट्टी एक ऐसा गांव है जहां से कई आईएएस और पीसीएस अफसर
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जौनपुर:--------tvup.in जौनपुर:- उत्तरप्रदेश के जौनपुर जिले में माधोपट्टी एक ऐसा गांव है जहां से कई आईएएस और पीसीएस अफसर हैं। इस गांव में महज 75 घर हैं, लेकिन यहां के 47 आईएएस अधिकारी विभिन्न विभागों में सेवा दे रहे हैं। माधोपट्टी की धरती पर पैदा हुए बच्चे इसरो, भाभा, काई मनीला और विश्व बैंक तक में अधिकारी हैं। भले ही यह गांव देश की अंगूठी में नगीने की तरह जगमगा रहा है, लेकिन इस गाँव का भी अपना एक दर्द है | जिस गाँव ने देश को इतने आलाधिकारी दिए है वो गाँव अब तक विकास से कोसो दूर है |टूटी फूटी सड़क , स्वास्थ्य सुविधा का न होना इस गाँव के दर्द की कहानी बया कर रहा है | जिला मुख्यालय से मात्र 8 किलोमीटर की दुरी पर सिरकोनी विकास खण्ड में स्थित इस गाँव में प्रख्यात शायर रहे वामिक जौनपुरी के पिता मुस्तफा हुसैन का सन 1914 में पीसीएस व सन 1952 में डाक्टर इन्दु प्रकाश सिंह का आईएएस में दूसरी रैंक पर सलेक्शन क्या हुआ मानो यहाँ के युवा वर्ग में खुद को साबित करने की होड़ सी लग गयी [ आईएएस में दूसरी रैंक पाने वाले डॉ आई पी सिंह आईएफएस में पहली रैंक पाने के बाद फ़्रांस सहित कई देशो में भारत के राजदूत के रूप में कार्यरत रहे [ इसी गाँव के जगनारायण सिंह के पांच बेटो में से चार बेटो ने आईएएस बनकर जो इतिहास रचा है वो आज भी कीर्तिमान है [ जगनारायण सिंह के बेटे विनय कुमार सिंह 1955 में आई ए एस की परीक्षा में 13 वीं रैंक प्राप्त कर बिहार के मुख्य सचिव के पद पर पहुचे [ सन 1964 में विनय सिंह के दो भाई डॉ क्षत्रपाल सिंह व अजय कुमार एक साथ आई ए एस अधिकारी बने [ चौथे भाई शशिकांत सिंह 1965 में आई ए एस अधिकारी बने